राहुल का पहला कदम ?
राहुल: (अगले दिन अमित को फोन करते हुए) "भाई! कल रात मैंने Taxlegit.com चेक की। सच में यार, उनका इंटरफेस इतना आसान है कि मुझे वहीं सब समझ आ गया। मैंने अपनी डिटेल्स डाल दी थीं और आज सुबह ही उनके एक्सपर्ट का फोन आ गया!" अमित: "अरे वाह! बहुत तेज़! फिर क्या बात हुई? उन्होंने क्या सजेस्ट किया?" राहुल: "उन्होंने पहले मेरी बिज़नेस रिक्वायरमेंट्स सुनीं और बताया कि चूंकि मेरा काम अभी छोटा है पर स्केलेबल है, तो मुझे Private Limited के बजाय LLP या One Person Company (OPC) से शुरू करना चाहिए। उन्होंने मुझे उन चीज़ों के बारे में भी बताया जो मैं भूल रहा था!" डॉक्यूमेंट्स का 'स्मूथ' प्रोसेस राहुल: "मुझे लगा था कि फाइलों का ढेर लगाना होगा, पर उन्होंने बस बेसिक डॉक्यूमेंट्स मांगे—आधार, पैन, और बिजली का बिल। मैंने सब व्हाट्सएप कर दिया और उन्होंने तुरंत प्रोसेस शुरू कर दिया।" अमित: "यही तो खूबसूरती है भाई। Taxlegit.com की टीम जानती है कि एक आंत्रप्रेन्योर का समय कितना कीमती है। अब तू देख, बिना किसी सरकारी दफ्तर के चक्कर काटे तेरा डिजिटल सिग...